अनदेखा और भुला बचपन (Ruined Childhood in India Story)


ऐसा बचपन जिसको खुद इसका पता न हो ....जिसको याद करने का शायद कोई बहाना ही न हो.......जिसकी मासूमियत को रौद दिया गया हो .............

गंगा के घाट पे एक नन्ही सी बच्ची दौड़ती हुई दिखाई देती है ...हस्ती हुई ..खिल खिलाती हुई .....पूरी मासूमियत को अपने अंदर भरे .....मैं भी वही बैठा हूँ...और बाकि सबकी तरह ..उस नन्ही से बच्ची को खुश देख ...मैं भी मुस्कुरा उठा .....और अपने बचपन के दिन याद आ गए ..............
तभी वो बच्ची पास खेलते - खेलते  पहुचती है .......और मेरी नज़र अचानक उसके सर के तरफ जाती है ......और मैं क्या देखता हूँ ..........की उसकी मांग में सिन्दूर जैसा कुछ ......और शायद वो देखने में ७ या ८ साल की बच्ची ...............
मैं समझ गया की ...उस नन्ही सी बच्ची की शादी करवा दी गयी होगी ...समाज की  किसी खोखली परंपरा.........या खानदान के किसी घटिया रिवाज के नाम पे बलि चढ़ गयी होगी ..........जिसके बारे में वो जानती तो हो पर, शायद पर समझती न होगी.......

""मैंने उस बच्ची को अपने पास बुलाया .....और उत्सुकता वश उससे पूछ लिया .............

            की बेटा आपने सर पे ये क्या लगा रखा है .......तो उस मासूम बच्ची ने बीना समय लिए कहा ......मेरी शादी हो चुकी है भैया, इसलिए मुझे ये सिन्दूर लगाना पड़ता है ..........
-फिर मैंने पूछा किसने कहा आपकी शादी हो गयी ...तो बच्ची ने कहा सब कहते है .....मेरी शादी हो गयी ..........

-फिर मैंने पूछा आप तो अभी नन्ही से बच्ची हो .....शादी तो बड़े लोगो की होती है ...फिर उस बच्ची ने जो मुझसे कहा उसके सुनने के बाद ....मेरा दिल भर आया .... उस बच्ची ने मुझसे कहा .....हमारे गांव में मेरी सहेली की शादी तो जब वो ५ साल की थी तब हो गयी थी ......,मेरी तो बहुत देर से हुई ......अब जाकर .............
उस बच्ची को शायद पता भी नहीं था ...ये बहुत गलत है ..........

ऐसे बहुत से गांव हमारे देश में जहा ऐसे सोच भरी पड़ी है  ........इस internet , smartphone , या इस Digital India
 की age  में .................जहा हर रोज़ ऐसे न जाने कितने मासूमो की मासूमियत का अंत हो जाता है ............

कही भी जहा ऐसा होता है ,ऐसे समाज को हम शिक्षित या स्वस्थ नहीं कह सकते ...............
बस एक ही रास्ता है ....हम इसका पुर जोर विरोध करे ......सरकार , पुलिस की मदद ले .......क्योंकि इसका कानून भी है
और बच्चियों या बच्चो के खिलाफ उन्हें वाली ऐसे घटनाओ की विरोध करे ............
जैस NGO  की मेरे दोस्त ने उस समय complain की और NGO और पुलिस की मदद से उस बच्ची को आजाद कराया ........

हमारा फ़र्ज़ बनता है की हम ऐसे जुर्म के खिलाफ चुप न रहे .....और अपनी ज़िम्मेदारी समझते हुए ......हमारी बेटियो की रक्षा करे ................

Child Marriage  - A Girl Marries Every 2 Seconds‎

www.plan-international.org/Child-Marriage


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